इश्क़ में जीत का इम्कान नहीं है कोई

  - Yuvraj Singh Faujdar
इश्क़मेंजीतकाइम्काननहींहैकोई
इसलिएहारकेहैराननहींहैकोई
बसयहीभूलतोकीहैकिमोहब्बतकरली
भूलसबकरतेहैंभगवाननहींहैकोई
तेरेचेहरेपेलिखीतोहैंबहुतसीनज़्में
लेकिनउननज़्मोंकाउनवाननहींहैकोई
दिलमेंउम्मीदजगाओगेचलेजाओगे
कामयेइतनाभीआसाननहींहैकोई
दर्दतकलीफ़सितमसारामुझीसेलोगे
घरमेंक्यापहलेसेसामाननहींहैकोई
जानमैंफूलतोलेलूँगातुम्हारालेकिन
फूलकेरखनेकोगुलदाननहींहैकोई
जानतेसबहैंमगरफिरभीबनेहैंअंजान
जानताहूँमैंभीअंजाननहींहैकोई
देखाहैमैंनेमोहब्बतकोभीकलबिकतेहुए
क्यामोहब्बतकाभीईमाननहींहैकोई
  - Yuvraj Singh Faujdar
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