bojh is dil par jab zyaada ho jaata hai | बोझ इस दिल पर जब ज़्यादा हो जाता है

  - Yuvraj Singh Faujdar
बोझइसदिलपरजबज़्यादाहोजाताहै
रोलेताहूँदिलहल्काहोजाताहै
इसलिएमेरेपासनहींआतेहैंलोग
जोभीआताहैमुझसाहोजाताहै
डरतेक्यूँहैंसपनेदेखाकरिएना
सपनादेखोतोपूराहोजाताहै
हममुफ़लिसहैंकैसेइश्क़निभाएँयार
इश्क़यहाँहरदिनमहँगाहोजाताहै
हिज्रकेआँसूहैंहल्केमेंमतलेना
जबयेगिरेंसहरादरियाहोजाताहै
लोगोंकोआईनादिखलाकेदेखो
फिरदेखोचेहराकैसाहोजाताहै
वक़्तबिताओयारअपनेमाँबापकेसाथ
वक़्तबुढ़ापेमेंधीमाहोजाताहै
  - Yuvraj Singh Faujdar
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