mil rahe dukh dard ye kiske mutaabiq | मिल रहे दुख दर्द ये किसके मुताबिक़

  - Karan Shukla
मिलरहेदुखदर्दयेकिसकेमुताबिक़
होख़ुदाकुछनइँरहातेरेमुताबिक़
जोमुहब्बतहोमुहब्बतहीरहोतुम
लेक्चरहमकोदोमाँकेमुताबिक़
किसकोदेतीज़िंदगीइतनीसहूलत
कौनजीपायायहाँअपनेमुताबिक़
ख़ौफ़खाताहैख़ुदाभीआदमीसे
क्यानहींहोताभलापैसेमुताबिक़
इसलिएभीटूटतेथेरिश्तेमेरे
मैंकभीचलपायानइँवादेमुताबिक़
अबकहाँसेऐसाझुमकायारलाएँ
जोहोबिल्कुलतेरेबसचेहरेमुताबिक़
  - Karan Shukla
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