सोज़-ए-दिलमेंमुब्तलाहरशख़्सदिखताहैमुझे
ख़्वाबसेटूटाहुआहरशख़्सदिखताहैमुझे
प्यारकीनगरीमेंसादअफ़सोसकीइकबातहै
प्यारकामाराहुआहरशख़्सदिखताहैमुझे
कौनकिसपरकिसतरहकरतारहेयूँँऐतबार
क्योंकिचेहरोंमेंछुपाहरशख़्सदिखताहैमुझे
अबहवा-ए-ज़ुल्मसेहमसबनहोजाएँनिसार
राह-ए-हक़सेगुमशुदाहरशख़्सदिखताहैमुझे
मैंअसीर-ए-ज़ुल्मत-ए-शबहोगयाहूँअबवसीम
रौशनीसेभागताहरशख़्सदिखताहैमुझे