ishq ke raaste se guzra hooñ | इश्क़ के रास्ते से गुज़रा हूँ

  - Waseem Siddharthnagari
इश्क़केरास्तेसेगुज़राहूँ
मैंकईहादसेसेगुज़राहूँ
हुस्नपरअपनेनाज़मतकरना
हुस्नकेमक़बरेसेगुज़राहूँ
यादआतानहींहैकुछमुझको
कौनसेरास्तेसेगुज़राहूँ
रातभरअश्कइसलिएटपके
सारादिनक़हक़हेसेगुज़राहूँ
वस्लफिरवहशत-ओ-जुनूँफिरहिज्र
हरनएमरहलेसेगुज़राहूँ
ख़ुदसेबेहतरलगेसभीमुझको
जबकभीआइनेसेगुज़राहूँ
मेरीहस्तीकामा-हसलयूँँहै
उम्रभरतजरिबेसेगुज़राहूँ
  - Waseem Siddharthnagari
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy