dhundh men suraj si madhham muskurati thandiyaan | धुंध में सूरज सी मद्धम मुस्कराती ठंडियाँ

  - Vishal Rana
धुंधमेंसूरजसीमद्धममुस्करातीठंडियाँ
सिंगलोंकेदुखपेकैसेखिलखिलातीठंडियाँ
बसइन्हींदोमौसमोंमेंहैकमीखलतीतेरी
एकतोबरसातदूजाकपकपातीठंडियाँ
काशमीरीलालस्वैटरडालकरआतीथीवो
औरजबलगतीगलेतोहारजातीठंडियाँ
लालस्वैटरऔरवोजकड़नकहाँ,बतलाओभी
फिरउसीकाज़िक्रकरकेदिलजलातीठंडियाँ
वोजिसेगर्मीमेंहमगुड-बायकहकरआएथे
फिरउसीलड़कीसेरिक्वेस्टेंकरातीठंडियाँ
  - Vishal Rana
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