tumhaari baat poori is sehar pahunchee nahin hai | तुम्हारी बात पूरी इस सहर पहुँची नहीं है

  - Sarvesh Pandey
तुम्हारीबातपूरीइससहरपहुँचीनहींहै
हाँतुमनेभेजदीचिट्ठीमगरपहुँचीनहींहै
मुझेयेग़मनहींहैख़ुद-कुशीकरलीतोमैंने
मुझेयेग़महैबसवोक़ब्रपरपहुँचीनहींहै
रहीहैंझाँकतीनींदेंयेदरवाज़ेपेयारों
मेरेबिस्तरपेनींदेंरातभरपहुँचीनहींहै
बलाकोईआएबसमिरेबच्चोंकेऊपर
हैमाँवोकौनजोहरएकदरपहुँचीनहींहै
मिरेहीऐबकीसूचीहैसबकेसामनेपर
किसीतकमेरेफ़नकीयेख़बरपहुँचीनहींहै
  - Sarvesh Pandey
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