नाराज़हैवोक्योंकिहमनेजोग़ज़ल
कबकेलिखीथीवोसुनाईहैअभी
उससेेत'अल्लुक़कमरखेंगेक्योंकिअब
मेरीइसीमेंहीभलाईहैअभी
पहलेजिसेनईंदेखतीथीयेनज़र
मुझकोउसीसेहम-नवाईहैअभी
वोक़ाफ़िया-पैमाईकरताहैग़ज़ल
लिखनेकी*उसकीइब्तिदाईहैअभी
'वेदांत'उसकोकॉलतुमकरनानहीं
उसशख़्सकावक़्त-ए-पढ़ाईहैअभी