badaa rehta hai fursat men zamaana | बड़ा रहता है फ़ुरसत में ज़माना

  - Asad Akbarabadi
बड़ारहताहैफ़ुरसतमेंज़माना
नहींदिखताज़रूरतमेंज़माना
हैजिनकोइल्मदोआलमकाउनकी
नहींहोताहैक़िस्मतमेंज़माना
किसीकेगुलनुमाआरिज़पेपिम्पल
हैऐसाहीमुहब्बतमेंज़माना
बुराईकाकोईफारमनिकालो
लिखूँख़ाना-ए-लानतमेंज़माना
किवोदोनावहाँक्याकररहेथे
मराजाताहैरग़बतमेंज़माना
फ़रेबीचोरधोकेबाज़मक्कार
इन्हेंकहतेहैंवुसअतमेंज़माना
असदतुमपरकिताबीज्ञानहैबस
कभीदेखोहक़ीक़तमेंज़माना
  - Asad Akbarabadi
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