jahaan hogii mujhe ranjish usii ka saath dogi tum | जहाँ होगी मुझे रंजिश उसी का साथ दोगी तुम

  - Umashankar Lekhwar
जहाँहोगीमुझेरंजिशउसीकासाथदोगीतुम
छुड़ाकरहाथहाथोंसेकहोफिरक्याकहोगीतुम
मुझेतोडरसालगताहैचलेआएँगेबाराती
सजामेहँदीहसींहाथोंमेंक्यादुल्हनबनोगीतुम
सुनोदुल्हनबनोगीतुमयक़ींहोतानहींमुझको
अगरसचहैयक़ींमानोबहुतसुंदरलगोगीतुम
सभीमैंभूलजाऊँगामिटादूँगाख़यालअपना
मगरमेहँदीलगाहाथोंमेंक्यादुल्हनबनोगीतुम
सुनोमेहँदीलगेवोहाथभीमैंछूपाऊँगा
उन्हेंमैंदेखभरलूँगामगरसुंदरलगोगीतुम
वहाँहोगीमोहब्बतभीज़रूरतभीहिफ़ाज़तभी
यहाँहैबसज़रूरतफिरज़रूरतक्यूँचुनोगीतुम
कभीयूँँहीअचानककाशअगरमैंयादआऊँतो
मुझेयेजाननाहैयादकरकेक्याकरोगीतुम
येसबजोचाहताकहनाकभीक्याकहभीपाऊँगा
अकेलेबैठकरसारीमेरीबातेंसुनोगीतुम
कहाहैक्यामेरीख़ातिरकभीजोकाशतुमपूछो
कहूँतुमसेेयापूछूँमैंमेरीदुल्हनबनोगीतुम
  - Umashankar Lekhwar
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