hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Uday sharma
bahut zaroori tha honi ka hona bhi
bahut zaroori tha honi ka hona bhi | बहुत ज़रूरी था होनी का होना भी
- Uday sharma
बहुत
ज़रूरी
था
होनी
का
होना
भी
उसका
मिलना
बाद
में
उसका
खोना
भी
उस
देवी
की
पीतल
की
नथ
के
आगे
फीका
लगता
है
अब
मुझको
सोना
भी
अपने
बीच
की
दूरी
इतनी
है
जाना
ना
काफ़ी
है
अब
नंबर
का
होना
भी
सारी
खुशियाँ
उसके
साथ
में
बाटूं
मैं
गले
लगाकर
फिर
चाहूँ
हूँ
रोना
भी
मैं
तुम
सेे
बेहतर
कैसे
हो
सकता
हूँ
पार्वती
से
है
शंकर
का
होना
भी
- Uday sharma
Download Ghazal Image
मिलना
हमारा
कम
हुआ
फिर
बात
कम
हुई
क़िस्तों
में
मुझ
ग़रीब
की
ख़ैरात
कम
हुई
Bhawana Srivastava
Send
Download Image
74 Likes
आज
मिलना
था
बिछड़
जाने
की
नीयत
से
हमें
आज
भी
वो
देर
से
पहुँचा
है
कितना
तेज़
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
82 Likes
यार
ने
हम
से
बे-अदाई
की
वस्ल
की
रात
में
लड़ाई
की
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
39 Likes
तू
दिल
पे
बोझ
ले
के
मुलाक़ात
को
न
आ
मिलना
है
इस
तरह
तो
बिछड़ना
क़ुबूल
है
Unknown
Send
Download Image
52 Likes
वस्ल
हो
जाए
यहीं
हश्र
में
क्या
रक्खा
है
आज
की
बात
को
क्यूँँ
कल
पे
उठा
रक्खा
है
Ameer Minai
Send
Download Image
25 Likes
'हर्ष'
वस्ल
में
जितनी
मर्ज़ी
शे'र
कह
लो
तुम
हिज्र
के
बिना
इन
में
जान
आ
नहीं
सकती
Read Full
Harsh saxena
Send
Download Image
2 Likes
उस
हिज्र
पे
तोहमत
कि
जिसे
वस्ल
की
ज़िद
हो
उस
दर्द
पे
ला'नत
की
जो
अशआ'र
में
आ
जाए
Vipul Kumar
Send
Download Image
26 Likes
वो
रस्मन
पूछ
लेती
है
कि
मिलना
या
नहीं
मिलना
फिर
इसके
बाद
तो
मिलना
किसे
अच्छा
नहीं
लगता
Krishnakant Kabk
Send
Download Image
36 Likes
तेरी
तासीर
से
कुछ
मेल
खा
जाए
इसी
ख़ातिर
मैं
तोहफ़े
में
गुलाबों
से
सजा
गुलदान
लाई
हूँ
Bhoomi Srivastava
Send
Download Image
15 Likes
ये
भी
मुमकिन
है
मियाँ
आँख
भिगोने
लग
जाऊँ
वो
कहे
कैसे
हो
तुम
और
मैं
रोने
लग
जाऊँ
ऐ
मेरी
आँख
में
ठहराए
हुए
वस्ल
के
ख़्वाब
मैं
तवातुर
से
तेरे
साथ
न
सोने
लग
जाऊँ
Read Full
Ejaz Tawakkal Khan
Send
Download Image
24 Likes
Read More
मैंने
दिल
की
बातें
बोली,
फेंका
कोई
जाल
नहीं
उसने
मेरी
आँखें
देखी,
पर
आँखों
का
हाल
नहीं
मेरे
सपनों
का
पूरा
होना
भी
हो
जायज़
कैसे?
मैंने
उसकी
ख़ूबी
देखी
पर
ख़ुदके
आमाल
नहीं
ख़ुदको
मेरा
कर
या
ना
कर,
इस
में
मर्ज़ी
तेरी
है
जो
भी
कहना
सीधा
कह
दे,
लेकिन
हमको
टाल
नहीं
Read Full
Uday sharma
Send
Download Image
1 Like
ना
मंज़ूर
ज़मीर
के
आगे
चाहे
जाँ
हो
तीर
के
आगे
पँखो
ने
दम
तोड़
दिया
है
पैरो
की
जंज़ीर
के
आगे
आख़िर
किसकी
चलती
है
फिर
मालिक
की
शमशीर
के
आगे
जिस
दुनिया
में
इतना
कुछ
है
पर
क्या
है
इक
पीर
के
आगे
?
जो
भी
तेरे
नाम
चलेगा
आएँगे
उस
तीर
के
आगे
लाख
बला
के
फिल्टर
सिल्टर
कम,
तेरी
तस्वीर
के
आगे
हर
ग़म
का
अब
सब्र
यही
है
क्या
मिलता
तक़दीर
के
आगे
?
Read Full
Uday sharma
Download Image
0 Likes
नवाबों
की
नवाबी
से
नहीं
आती
ये
मुतमइनी
अमीरी
से
नहीं
आती
Uday sharma
Send
Download Image
0 Likes
इस
दुनिया
में
हम
इंसान
महीन
ग़ज़ल
है
ये
दुनिया
ऊपरवाले
की
ज़हीन
ग़ज़ल
है
हर
कोई
होता
है
ख़ास
तरह
की
ग़ज़ल
जाँ
हम
खारिज़
है
और
तू
बेहतरीन
ग़ज़ल
है
Read Full
Uday sharma
Send
Download Image
0 Likes
तुझको
जो
दिखता
है,
तू
वो
देख
रहा
है
पर
ऊपरवाला
तो,
सबको
देख
रहा
है
कुछ
नाजायज़
करने
पर
लगता
है
मुझको
मालिक
सबकुछ
छोड़
के
मुझको
देख
रहा
है
इस
सेे
बढ़कर
तेरी
लाचारी
क्या
होगी
एक
का
होकर
भी,
दूजे
को
देख
रहा
है
रब
भी
तुझको
उस
ही
नाज़
से
तकता
होगा
तू
जिस
नाज़
से
अपने
रब
को
देख
रहा
है
Read Full
Uday sharma
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Hijrat Shayari
Self respect Shayari
Rishta Shayari
Sukoon Shayari
Chaaragar Shayari