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Tiwari Jitendra
mohabbat saath marti hain magar gham laash laata hai
mohabbat saath marti hain magar gham laash laata hai | मोहब्बत साथ मरती हैं मगर ग़म लाश लाता है
- Tiwari Jitendra
मोहब्बत
साथ
मरती
हैं
मगर
ग़म
लाश
लाता
है
कभी
पूछो
जरा
दरिया
से
ग़म
क्या
डूब
पाता
है
मोहब्बत
चीज़
ऐसी
है
मोहब्बत
क्यूँँ
ही
करते
हो?
कई
घर
में
मोहब्बत
डर
बना
कर
बैठ
जाता
है
- Tiwari Jitendra
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वही
मंज़िलें
वही
दश्त
ओ
दर
तिरे
दिल-ज़दों
के
हैं
राहबर
वही
आरज़ू
वही
जुस्तुजू
वही
राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ
Noon Meem Rashid
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मैं
बार
बार
तुझे
देखता
हूॅं
इस
डर
से
कि
पिछली
बार
का
देखा
हुआ
ख़राब
न
हो
Shaheen Abbas
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आरज़ू'
जाम
लो
झिजक
कैसी
पी
लो
और
दहशत-ए-गुनाह
गई
Arzoo Lakhnavi
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रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
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Tehzeeb Hafi
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डर
हम
को
भी
लगता
है
रस्ते
के
सन्नाटे
से
लेकिन
एक
सफ़र
पर
ऐ
दिल
अब
जाना
तो
होगा
Javed Akhtar
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बच्चों
तुम्हीं
बताओ
कि
मईया
कहाँ
गई
रस्ते
में
छोड़कर
ये
सुरईया
कहाँ
गई
इन
रक्षकों
के
ख़ौफ़
से
घर
में
छुपा
हूँ
मैं
पूछेंगे
ये
ज़रूर
कि
गईया
कहाँ
गई
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Paplu Lucknawi
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दिल
को
तेरी
चाहत
पे
भरोसा
भी
बहुत
है
और
तुझ
से
बिछड़
जाने
का
डर
भी
नहीं
जाता
Ahmad Faraz
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गुज़ार
देते
हैं
रातें
पहलू
में
उसके
जुगनू
को
भी
दर
का
फ़क़ीर
बना
रखा
है
ALI ZUHRI
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मुसाफ़िरों
के
दिमाग़ों
में
डर
ज़ियादा
है
न
जाने
वक़्त
है
कम
या
सफ़र
ज़ियादा
है
Hashim Raza Jalalpuri
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तमाम
शहर
को
तारीकियों
से
शिकवा
है
मगर
चराग़
की
बैअत
से
ख़ौफ़
आता
है
Aziz Nabeel
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हम
अदावत
कर
रहें
हैं
अब
कि
अपनी
रूह
से
तुम
मोहब्बत
के
हमें
क़िस्से
सुनाते
रोज़
हो
Tiwari Jitendra
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अब
मेरी
बात
न
टाली
जाए
कोई
तस्वीर
बना
ली
जाए
हैं
बहुत
ज़ख़्म
मगर
यादें
हैं
जिस्म
से
जान
निकाली
जाए
हम
तो
भौंरे
थे
हमें
मतलब
था
फूल
आए
या
तो
माली
जाए
पहले
ही
याद
ने
मारा
मुझको
अब
कोई
याद
न
पाली
जाए
फ़ोन
बजते
ही
उठा
लेना
है
कॉल
कोई
भी
न
ख़ाली
जाए
जीत
को
सिर्फ़
मुहब्बत
ही
हो
होंठ
से
होंठ
पे
लाली
जाए
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Tiwari Jitendra
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जहाँ
पे
ख़त
नहीं
आवाज़
जाती
हैं
हमारे
पास
वो
दरबार
रहने
दो
Tiwari Jitendra
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दूर
से
यूँँ
न
मुस्कुराओ
तुम
लोग
दीवाने
होते
जाते
है
Tiwari Jitendra
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काफ़िर
बनाया
हमने
उसको
इस
लिए
उसकी
दु'आएँ
बद-दु'आएँ
बन
गई
Tiwari Jitendra
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