ज़राआरामसे,उजलतनहींहै
अमाँयेहिज्रहै,क़ुर्बतनहींहै
कोईमसरूफ़ियतहोगीतुम्हारी
हमेंतोतुमसेेहीफ़ुर्सतनहींहै
सहरससाँझबसतेरातसव्वुर
सिवाइसकेकोईभीलतनहींहै
सुख़नवरकररहाईज़ा-फ़रोशी
अबउसकेघरमेंभीग़ुरबतनहींहै
किवाइज़कोसिखादोमय-कशीही
इन्हींकोमज़हबीदहशतनहींहै
तुम्हारेपासमौक़ा'था,कहाँथे?
हमारेपासअबमोहलतनहींहै
येदिलऐसाफ़क़ीरानाहुआहै
किअबतोइश्क़भीहसरतनहींहै
बिखरकरमरगयाआँखोंमेंशायद
सुब्हसेख़्वाबमेंहरकतनहींहै
हमेंसिखलाओगेतुमइल्म-ए-उल्फ़त?
तुम्हारेपासवोशिद्दतनहींहै
हुए'अल्फ़ाज़’यूँँसिक्कोंमेंखोटे
खनकतोहैमगरक़ीमतनहींहै