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Aarush Sarkaar
aisa ik baankpan hai us
aisa ik baankpan hai us | ऐसा इक बाँकपन है उस
- Aarush Sarkaar
ऐसा
इक
बाँकपन
है
उस
में
के
नक़्ल
करती
है
हर
कली
उसकी
- Aarush Sarkaar
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काँटे
बनकर
वापस
क्यूँँ
आ
जाते
हैं?
हमने
तुमको
फूल
जो
भेजे
होते
हैं
Riyaz Tariq
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उसकी
तरफ़
से
फूल
भी
आएँगे
एक
रोज़
पत्थर
उठा
के
चूम
ले
इसको
पहल
समझ
Munawwar Rana
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निगाह-ए-शोख़
का
क़ैदी
नहीं
है
कौन
यहाँ
किसे
तमन्ना
नहीं
फूल
चूमने
को
मिले
Aks samastipuri
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जहाँ
पे
मैंने
तुझे
पहली
बार
देखा
था
वहाँ
पे
फूल
रखे
मैंने,
उम्र
भर
रक्खे
Aslam Rashid
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ये
जिस्म
तंग
है
सीने
में
भी
लहू
कम
है
दिल
अब
वो
फूल
है
जिस
में
कि
रंग-ओ-बू
कम
है
Pallav Mishra
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दूर
इक
सितारा
है
और
वो
हमारा
है
आँख
तक
नहीं
लगती
कोई
इतना
प्यारा
है
छू
के
देखना
उसको
क्या
अजब
नज़ारा
है
तीर
आते
रहते
थे
फूल
किसने
मारा
है
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Kafeel Rana
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उम्र
गुज़री
है
माँजते
ख़ुद
को
साफ़
हैं
पर
चमक
नहीं
पाए
डाल
ने
फूल
की
तरह
पाला
ख़ार
थे
ना
महक
नहीं
पाए
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Vishal Bagh
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हमेशा
हाथों
में
होते
हैं
फूल
उनके
लिए
किसी
को
भेज
के
मँगवाने
थोड़ी
होते
हैं
Anwar Shaoor
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फूल
से
लेकर
ये
धनिया
लाने
तक
के
इस
सफ़र
को
मुझको
तेरे
साथ
ही
तय
करने
की
ख़्वाहिश
है
पगली
Harsh saxena
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गुलशन
से
कोई
फूल
मुयस्सर
न
जब
हुआ
तितली
ने
राखी
बाँध
दी
काँटे
की
नोक
पर
Unknown
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प्रश्न
रहता
यही
है
जी
से
जी
भूल
पाएँगे
तुमको
जीते
जी
Aarush Sarkaar
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ख़ुद
को
जितना
छुपाया
दुनिया
से
उतना
ज़ाहिर
हुआ
तिरे
आगे
Aarush Sarkaar
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मिले
मौका
यूँँ
ज़िम्मेदारियों
को
बचपना
छीने
ख़ुदाया
छीन
ले
सब
कुछ
कभी
माँ-बाप
ना
छीने
Aarush Sarkaar
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हमें
तो
कह
दिया
है
अजनबी
हो
तुम
अपने
अपनों
को
तो
जानती
हो
हवा
रह
रह
के
जैसे
हर
दफा
बस
हमारी
ही
पतंगे
काटती
हो
फिर
अपने
और
पराये
सब
बराबर
अगर
माधव
के
जैसा
सारथी
हो
कभी
तुम
आरज़ू
में
थे
हमारी
अभी
बस
इक
ख़याल-ए-आरज़ी
हो
तुम्हें
वो
ख़ुश
रखे
बस,
ये
दु'आ
है
गले
में
धागा
जिसका
बाँध
ली
हो
हमें
ऐसी
घड़ी
दो
कोई
जिस
में
सुई
पहिये
के
जैसे
भागती
हो
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Aarush Sarkaar
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लाख
अदाएं
हैं
लाख
की
उसकी
और
करोड़ों
की
है
हँसी
उसकी
Aarush Sarkaar
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