kare jo zaahir dilon kii haalat vo shayari hai | करे जो ज़ाहिर दिलों की हालत वो शा'इरी है

  - Talha Lakhnavi
करेजोज़ाहिरदिलोंकीहालतवोशा'इरीहै
बयानकरदेजोहरहक़ीक़तवोशा'इरीहै
ज़मानासुनसुनकेहोगयाहैजिसेदिवाना
बढ़ीहैशायरकिजिससेेक़ीमतवोशा'इरीहै
ख़मोशलबजोहयाकेपरदेमेंहरघड़ीहैं
जोउनकेलहजेमेंहैनफ़ासतवोशा'इरीहै
बहानाकरतेहैरोज़झूठामुझेपताहै
फिरउसपेकरतेहैजोवज़ाहतवोशा'इरीहै
ज़बाँसेअपनेहमकहेंकुछवोकहेकुछ
नज़रसमझलेनज़रकीहरकतवोशा'इरीहै
जोअपनेलफ़्ज़ोंसेहिज्रतोड़ेमुहब्बतोंमें
दिलाएफिरदोदिलोंकोराहतवोशा'इरीहै
ज़मानाजिससेेभीचाहेदिलकोलगाएलेकिन
हैजिससेतलहामुझेमुहब्बतवोशा'इरीहै
  - Talha Lakhnavi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy