hai apna hi pakaaya sab jise main kha nahin sakti | है अपना ही पकाया सब जिसे मैं खा नहीं सकती

  - Suryapratap swtantra
हैअपनाहीपकायासबजिसेमैंखानहींसकती
लिखेजोगीतग़ज़लेंहैंउन्हेंमैंगानहींसकती
समुंदरभीमुझेहासिलमगरकिसकामकामेरे
मैंउसदरियापेमरतीहूँजिसेमैंपानहींसकती
येदुनियाकीहक़ीक़तहैसभीकोसबनहींहासिल
मैंतुझपेमरभीजाऊँपरतुझेमैंभानहींसकती
मेरारिश्ताहैयूँँतुझसेकिसीसबरीकाराघवसे
जिसेमैंपातोसकतीहूँमगरअपनानहींसकती
मुझेजिसमोड़परअबकेखड़ाकरकेगयाहैवो
कहींभीनहींसकतीकहींभीजानहींसकती
  - Suryapratap swtantra
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