gir raha hooñ aur bulan | गिर रहा हूँ और बुलंदी पर नज़र है

  - komal selacoti
गिररहाहूँऔरबुलंदीपरनज़रहै
मैंवोतिनकाजिसकीकश्तीपरनज़रहै
सादगीसीरतइनायतकौनदेखे
जान-ए-जाँमेरीजवानीपरनज़रहै
फूलकोमुझसेेछुपाताहैछुपाफिर
बाग़बाँमेरीतोतितलीपरनज़रहै
हड़बड़ातीतेरीआँखेंकहरहीहैं
अबपरिंदेकीशिकारीपरनज़रहै
हालअबऐसाहैतेरेजानेकेबाद
कानचौखटपरहैखिड़कीपरनज़रहै
ऐनमौक़ेपरबदललीचालउसने
देखाजबप्यादेकीरानीपरनज़रहै
बनरहीहैख़ूबअच्छीघरकीतस्वीर
मेरीपंखेऔररस्सीपरनज़रहै
  - komal selacoti
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