pahle-pahl to sir pe bithaata zaroor hai | पहले-पहल तो सिर पे बिठाता ज़रूर है

  - Shivsagar Sahar
पहले-पहलतोसिरपेबिठाताज़रूरहै
फिरवक़्तहरकिसीकोगिराताज़रूरहै
उठतेधुएँसेआपभीबचजाइएहुज़ूर
वरनायेघरमेंआगलगाताज़रूरहै
इकदूसरेकेहिज्रमेंरहनेकेबावजूद
इकदूसरेकोवस्लसताताज़रूरहै
कहनेकोइश्क़-विश्क़सेउसकोगुरेज़था
लेकिनउसीसेकामचलाताज़रूरहै
होतीनहींहैगुफ़्तगूदोतीनसालसे
दोतीनसालसेवोरुलाताज़रूरहै
  - Shivsagar Sahar
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