khud ko pahle kanwal banaana padta hai | ख़ुद को पहले कँवल बनाना पड़ता है

  - Shivsagar Sahar
ख़ुदकोपहलेकँवलबनानापड़ताहै
फिरदलदलमेंपाँवजमानापड़ताहै
चाहेजितनाकामज़रूरीहोलेकिन
पहलेउसकाफ़ोनउठानापड़ताहै
आसानीसेदालकहाँगलपातीहै
इश्क़मेंऊँचामोलचुकानापड़ताहै
वोदेवीहैऐसे-कैसेहोगीख़ुश
मंदिरमेंफल-फूलचढ़ानापड़ताहै
अपनीमाँगेंहाकिमतकपहुँचानीहो
उसकीख़ातिरशोरमचानापड़ताहै
  - Shivsagar Sahar
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