hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shivangi Shivi
itni aag jalaae hain
itni aag jalaae hain | इतनी आग जलाए हैं
- Shivangi Shivi
इतनी
आग
जलाए
हैं
पत्थर
भी
पिघलाए
हैं
तारे
क्या
आसमान
से
हम
चाँद
तोड़
लाए
हैं
इन
आँखों
में
देखो
तो
कितने
ख़्वाब
समाए
हैं
दिल
के
दरीचे
पे
हमने
थोड़े
दिए
जलाए
हैं
इन
काँटों
की
राहों
में
हमने
फूल
बिछाए
हैं
ख़्वाबों
की
ताबीरों
को
पलकों
तले
छुपाए
हैं
इस
दिल
के
इक
कोने
में
कितने
दर्द
छुपाए
हैं
- Shivangi Shivi
Download Ghazal Image
महशर
का
दिन
आया
है
अब
तो
कर्मा
बोलेगा
Shivangi Shivi
Send
Download Image
0 Likes
हँसता
है
कोई
जमके
तो
कोई
जमके
रोता
है
पाता
है
कोई
जमके
तो
कोई
जमके
खोता
है
बन
जाता
तारा
कोई
बन
जाता
है
कोई
सपना
इक
तारा
टूटे
तो
इक
का
सपना
पूरा
होता
है
Read Full
Shivangi Shivi
Send
Download Image
1 Like
कितनी
तेज़
हवाए
हैं
फिर
भी
दिए
जलाए
हैं
तारे
क्या
आसमान
से
हम
चाँद
तोड़
लाए
हैं
इन
आँखों
में
देखो
तो
कितने
ख़्वाब
समाए
हैं
दिल
के
दरीचे
पे
हमने
थोड़े
दिए
जलाए
हैं
इन
काँटों
की
राहों
में
हमने
फूल
बिछाए
हैं
ख़्वाबों
की
ताबीरों
को
पलकों
तले
छुपाए
हैं
इस
दिल
के
इक
कोने
में
कितने
दर्द
छुपाए
हैं
दूर
से
देखो
बादल
तो
पर्बत
से
टकराए
हैं
Read Full
Shivangi Shivi
Download Image
0 Likes
बात
ख़ुदास
हो
जाती
है
मेरी
जो
उन
सेे
यारी
है
Shivangi Shivi
Send
Download Image
0 Likes
दिखता
है
जो
सब
झूठा
है
जो
छिप
जाए
वो
मस्ताना
Shivangi Shivi
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aadmi Shayari
Hawa Shayari
Jeet Shayari
Dhokha Shayari
Chehra Shayari