in nigaahon ko KHabar kya shokhiyaan us ishq ki | इन निगाहों को ख़बर क्या शोख़ियाँ उस इश्क़ की

  - Shivansh Singhaniya
इननिगाहोंकोख़बरक्याशोख़ियाँउसइश्क़की
ज़िंदगी-ओ-मौतमेंहैडोरियाँउसइश्क़की
पलरहाअंदेशाहमकोचाहकीसौग़ातका
गाहरोतीगाहहँसतीसीपियाँउसइश्क़की
तुमकहोअबतयकरेंतोकैसेमंज़िलप्यारमें
ख़ुदसहीछिपतीरहीं,परछाइयाँउसइश्क़की
बद-गुमानीकीकसकपैदाहुईजोउनदिनों
दिलमेंहमनेरख-रखीहैख़ामियाँउसइश्क़की
आपकीला-हासिलीकोअपनीक़िस्मतमानकर
ज़िंदगीकाहरवोलम्हाबेड़ियाँउसइश्क़की
दहरमेंहिज़रतसेख़ुदकामुर्दगाँहोनामेरा
इकहक़ीक़तथीयेमेरीझुर्रियाँउसइश्क़की
दश्तमेंइकशहरथापरअबनहींउसकेनिशाँ
आजहमकोहैमिलीकुछचिट्ठियाँउसइश्क़की
कुछधुँएकेबादलोंनेनभउठासिरपरलिया
भूलमेंथे,हैयहींपरबस्तियाँउसइश्क़की
जिनकेख़ातिरशे'रलिक्खेवोकभीसुनतेनहीं
यादआतीहैंहमेंअबमस्तियाँउसइश्क़की
  - Shivansh Singhaniya
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