ek kamre men main rehta hooñ aur nazar men koi nahin | एक कमरे में मैं रहता हूँ और नज़र में कोई नहीं

  - Shivam chaubey
एककमरेमेंमैंरहताहूँऔरनज़रमेंकोईनहीं
यानीघरमुझ
मेंरहताहैऔरइसघरमेंकोईनहीं
जबआदमकीज़ातढूँढनेनिकलातोयेग़ौरकिया
सबकेभीतरएकनगरहैऔरनगरमेंकोईनहीं
ताकोंपररक्खेहैंसबनेअपनेअपनेदीनधरम
महजकिताबोंमेंबाकीहैंगुज़रबसरमेंकोईनहीं
साथमेंजीनेमरनेवालेअपनीअपनीराहलगे
अबबस्तीमेंसूनापनहैसाथसफ़रमेंकोईनहीं
  - Shivam chaubey
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