roz andhere ki baahon men hi sona hota hai | रोज़ अँधेरे की बाहों में ही सोना होता है

  - SHIV SAFAR
रोज़अँधेरेकीबाहोंमेंहीसोनाहोताहै
रातसेपूछोकभीक्यारातहोनाहोताहै
नर्मदिलइतनारक्खोआसकरनाछोड़दो
जबभरोसाटूटताहैख़ूबरोनाहोताहै
मारकरपत्थरमरहमभीलगातेहैंयहाँ
अपनेहीआँसूसेअपनाघावधोनाहोताहै
छोड़करघरबारअपनामंज़िलोंकीचाहमें
चैनसुखआरामक्याख़ुदकोभीखोनाहोताहै
गाँवमेंमाँरोपड़ेगीसुनकेमेरीदास्ताँ
कैसेमैंकहदूँकिभूखेपेटसोनाहोताहै
  - SHIV SAFAR
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