रोज़अँधेरेकीबाहोंमेंहीसोनाहोताहै
रातसेपूछोकभीक्यारातहोनाहोताहै
नर्मदिलइतनानरक्खोआसकरनाछोड़दो
जबभरोसाटूटताहैख़ूबरोनाहोताहै
मारकरपत्थरनमरहमभीलगातेहैंयहाँ
अपनेहीआँसूसेअपनाघावधोनाहोताहै
छोड़करघरबारअपनामंज़िलोंकीचाहमें
चैनसुखआरामक्याख़ुदकोभीखोनाहोताहै
गाँवमेंमाँरोपड़ेगीसुनकेमेरीदास्ताँ
कैसेमैंकहदूँकिभूखेपेटसोनाहोताहै