hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
SHIV SAFAR
bikhrna hi tab mujhko saccha laga tha
bikhrna hi tab mujhko saccha laga tha | बिखरना ही तब मुझको सच्चा लगा था
- SHIV SAFAR
बिखरना
ही
तब
मुझको
सच्चा
लगा
था
कि
जब
उसके
सीने
से
मैं
जा
लगा
था
मेरे
पास
आया
था
जब
हिज्र
करने
वो
पहली
दफ़ा
मुझको
अपना
लगा
था
मैं
जब
टूटने
की
ही
था
कश्मकश
में
सॅंभालेगा
वो
मुझको
ऐसा
लगा
था
उसे
छोड़कर
जब
मेरे
पास
आया
बिछड़ना
ही
तब
मुझको
अच्छा
लगा
था
तुम्हारी
तरह
ही
था
जब
मैं
भी
बदला
तो
सच
सच
बताओ
कि
कैसा
लगा
था
- SHIV SAFAR
Download Ghazal Image
बचा
के
आँख
बिछड़
जाएँ
उस
से
चुपके
से
अभी
तो
अपनी
तरफ़
ध्यान
भी
ज़ियादा
नहीं
Vipul Kumar
Send
Download Image
21 Likes
हिज्र
में
ख़ुद
को
तसल्ली
दी
कहा
कुछ
भी
नहीं
दिल
मगर
हँसने
लगा
आया
बड़ा
कुछ
भी
नहीं
Afkar Alvi
Send
Download Image
51 Likes
मेरे
मिज़ाज
की
उसको
ख़बर
नहीं
रही
है
ये
बात
मेरे
गले
से
उतर
नहीं
रही
है
ये
रोने-धोने
का
नाटक
तवील
मत
कर
अब
बिछड़
भी
जाए
तू
मुझ
सेे
तो
मर
नहीं
रही
है
Read Full
Ashutosh Vdyarthi
Send
Download Image
45 Likes
अमीर
इमाम
के
अश'आर
अपनी
पलकों
पर
तमाम
हिज्र
के
मारे
उठाए
फिरते
हैं
Ameer Imam
Send
Download Image
47 Likes
सुब्ह
तक
हिज्र
में
क्या
जानिए
क्या
होता
है
शाम
ही
से
मिरे
क़ाबू
में
नहीं
दिल
मेरा
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
28 Likes
बिछड़
के
तुझ
सेे
न
देखा
गया
किसी
का
मिलाप
उड़ा
दिए
हैं
परिंदे
शजर
पे
बैठे
हुए
Adeem Hashmi
Send
Download Image
40 Likes
सरकार
कहने
लग
गया
वो
सीधे
नाम
से
जो
हम-क़लाम
कम
था
मेरे
पहले
नाम
से
मुझ
सेे
बिछड़
के
अपना
कोई
नाम
रख
लियो
सब
लोग
जानते
हैं
तुझे
मेरे
नाम
से
Read Full
Rishabh Sharma
Send
Download Image
25 Likes
बता
रहा
है
झटकना
तेरी
कलाई
का
ज़रा
भी
रंज
नहीं
है
तुझे
जुदाई
का
मैं
ज़िंदगी
को
खुले
दिल
से
खर्च
करता
था
हिसाब
देना
पड़ा
मुझको
पाई-पाई
का
Read Full
Azhar Faragh
Send
Download Image
50 Likes
शब-ए-विसाल
बहुत
कम
है
आसमाँ
से
कहो
कि
जोड़
दे
कोई
टुकड़ा
शब-ए-जुदाई
का
Ameer Minai
Send
Download Image
22 Likes
कितना
आसाँ
था
तिरे
हिज्र
में
मरना
जानाँ
फिर
भी
इक
उम्र
लगी
जान
से
जाते
जाते
Ahmad Faraz
Send
Download Image
59 Likes
Read More
तेरे
जैसा
मेरे
दिल
में
कोई
भी
न
आया
है
न
आएगा
कभी
भी
मिली
जब
ग़ैर
के
कूचे
में
मुझ
सेे
ज़रा
सहमी
सी
थी
थोड़ी
थकी
भी
सभी
रिश्तों
को
ठुकराती
है
यानी
वो
मुझ
सेे
प्यार
करती
है
अभी
भी
तेरे
जैसे
ही
धोके
दे
रही
है
मुझे
ये
मौत
भी
ये
ज़िंदगी
भी
वो
कहती
थी
चली
जाएगी
इक
दिन
फिर
इक
दिन
आ
गया
सच
मुच
गई
भी
मेरी
वाली
तो
ख़ैर
इक
बे-वफ़ा
थी
मगर
देती
हैं
ग़म
अच्छी
भली
भी
वो
भँवरों
को
लुभाना
जानती
हैं
हो
मुरझाई
या
हो
कमसिन
कली
भी
‘सफ़र’
तुझ
से
जब
इक
लड़की
न
सँभली
तेरे
बस
की
नहीं
है
शा'इरी
भी
Read Full
SHIV SAFAR
Download Image
0 Likes
दिल
ये
उसके
लिए
ही
ख़ाली
है
जो
कभी
लौटने
न
वाली
है
SHIV SAFAR
Send
Download Image
0 Likes
लिबास
जैसे
मुसाफ़िर
बदलता
रहता
है
किसी
सफ़र
पे
कभी
एतिबार
मत
करना
SHIV SAFAR
Send
Download Image
0 Likes
पत्थर
के
इस
जहाँ
में
थी
रोने
लगी
सभा
जब
आदमी
ने
आदमी
को
आदमी
कहा
SHIV SAFAR
Send
Download Image
1 Like
साँसों
की
रेलगाड़ी
ठहरना
है
चाहती
ज़ंजीर
मेरी
ज़िंदगी
की
खींच
दे
कोई
SHIV SAFAR
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Charagh Shayari
Promise Shayari
Mehnat Shayari
Bechaini Shayari
Jeet Shayari