aashiqi ke shikhar se utar aaya hooñ | आशिक़ी के शिखर से उतर आया हूँ

  - SHIV SAFAR
आशिक़ीकेशिखरसेउतरआयाहूँ
मैंतड़पनेकीहदसेगुज़रआयाहूँ
हाँयेसचहैमोहब्बतथीमुझकोकभी
ख़ैरअबउनग़मोंसेउबरआयाहूँ
मतबताओमुझेप्यारहोताहैक्या
इश्क़केचोचलोंसेमुकरआयाहूँ
डूबनेवालाहीथाकिउसपारमैं
छोड़करउसकीयादेंइधरआयाहूँ
क्यूँँयहाँभीमुझेयादवोरही
सोचताहूँमैंजानेकिधरआयाहूँ
मेरेरोनेपेमेरासुख़नकहरहा
तेरेरोनेसेमैंतोनिखरआयाहूँ
  - SHIV SAFAR
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