शब-ए-फ़ुर्क़तग़म-ए-फ़ुर्क़तमेंरोनाचाहताहूँमैं
लहूसेदामन-ए-दिलकोभिगोनाचाहताहूँमैं
यूँँअपनेज़ख़्ममेंनश्तरचुभोनाचाहताहूँमैं
नमकसेअपनेज़ख़्म-ए-दिलकोधोनाचाहताहूँमैं
मुकम्मलइश्क़काउनवानहोनाचाहताहूँमैं
किअपनीज़ातकोतुझ
मेंसमोनाचाहताहूँमैं
मकान-ए-क़ल्बमेंछोटासाकोनाचाहताहूँमैं
जहाँपरबैठकरदिनरातरोनाचाहताहूँमैं
कमाल-ए-ज़ब्तक्याहैइसकामुझकोइल्महोजाए
यूँँपुश्त-ए-दिलपेबार-ए-हिज्रढोनाचाहताहूँमैं
ज़मानाबिस्तर-ए-मख़मलकाख़्वाहिश-मंदहैयारब
मगरयाँख़ाककेबिस्तरपेसोनाचाहताहूँमैं
नहोगासर-फिरामुझसेाकोईभीइसज़मानेमें
वोजिसकोपालियाहैउसकोखोनाचाहताहूँमैं
जोफ़र्श-ए-ख़ाकपरबिखरीपड़ीहैइश्क़कीतस्बीह
उसीकोफिरसेधागेमेंपिरोनाचाहताहूँमैं
ज़मानामेराहोनेकेलिएबे-ताबहैलेकिन
ज़मानेमेंतिराबसतेराहोनाचाहताहूँमैं
'शजर'ख़ुदअपनेहाथोंसेयेआँखोंकेसमुंदरमें
हसींख़्वाबोंकीकश्तीक्यूँडुबोनाचाहताहूँमैं