शोरहैसारेनगरमेंफूलकलियाँलेगया
बाग़बाँकालूटकरकोईगुलिस्ताँलेगया
ख़ाकसहरामेंउड़ाताफिररहाहैक़ैसक्यूँ
क्याहुआतुझकोजोतूख़ुदकोबयाबाँलेगया
जबसुकून-ए-दिलनहींबज़्म-ए-तरबमेंमिलसका
ख़ुदकोमैंफिरजानिब-ए-मुल्क-ए-ख़मोशाँलेगया
दिलमेंमैंनेअपनेजिसअफ़रादकोदीथीअमाँ
लूटकरवोमेरेदिलकीसारीख़ुशियाँलेगया
एड़ियाँरगड़ोशजरतुमशिद्दत-ए-गिर्याकरो
जानेवालाख़ुदकोलोशहर-ए-ख़मोशाँलेगया