शजरबताइएबज़्म-ए-सुख़नमेंक्याकरिए
तबस्सुम-ए-लब-ए-दिलबरकातज़्किराकरिए
इसेउड़ाओमुसव्विरलिबास-ए-शर्म-ओ-हया
ख़ुदाराफूलकोमतऐसेबे-रिदाकरिए
शब-ए-फ़िराक़शब-ए-आख़िरीहोमेरेलिए
बिछड़तेवक़्तयेअल्लाहसेदु'आकरिए
हमारेदिलकोदुखातेहुएऐअहल-ए-जफ़ा
ख़ुदा-ए-पाककीथोड़ीसीतोहयाकरिए
शजरयहाँपेनहींकुछसिवाएरुसवाई
अमीरलोगोंकीसोहबतसेफ़ासलाकरिए