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Shajar Abbas
ha
ha | हमें न देखिए हैरत भरी निगाहों से
- Shajar Abbas
हमें
न
देखिए
हैरत
भरी
निगाहों
से
हमारा
फ़र्ज़
बुज़ुर्गों
को
मान
देना
है
हैं
हम
क़बीले
से
फ़रहाद
के
शजर
ज़ैदी
हमारा
काम
मोहब्बत
में
जान
देना
है
- Shajar Abbas
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एक
साया
है
घने
पेड़
का
मेरे
सर
पर
एक
आँचल
से
मुझे
ठंडी
हवा
आती
है
Binte Reshma
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दोस्त
अपना
हक़
अदा
करने
लगे
बेवफ़ाई
हमनवा
करने
लगे
मेरे
घर
से
एक
चिंगारी
उठी
पेड़
पत्ते
सब
हवा
करने
लगे
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Santosh S Singh
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ये
रंग
रंग
परिंदे
ही
हम
से
अच्छे
हैं
जो
इक
दरख़्त
पे
रहते
हैं
बेलियों
की
तरह
Khaqan Khavar
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इक
मुहब्बत
से
भरी
उस
ज़िंदगी
के
ख़्वाब
हैं
पेड़
दरिया
और
पंछी
तेरे
मेरे
ख़्वाब
हैं
Neeraj Nainkwal
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है
नार
दोस्तों
कसरत
से
मुंतज़िर
उनकी
ग़म-ए-हुसैन
में
जो
कारोबार
करते
हैं
ये
सब
हैं
गुलशन-ए-हैदर
के
गुल
शजर
ज़ैदी
ये
गुल
तब्बसुम-ए-लब
से
शिकार
करते
हैं
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Shajar Abbas
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मुनफ़रिद
ख़ुशबू
है
इस
शजर
की
ऐसा
लगता
है
उसने
छुआ
हो
Shadab khan
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परिंद
क्यूँँ
मिरी
शाख़ों
से
ख़ौफ़
खाते
हैं
कि
इक
दरख़्त
हूँ
और
साया-दार
मैं
भी
हूँ
Asad Badayuni
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मेरे
आँगन
में
एक
बूढ़ा
पेड़
छाँव
भी
देता
है,
दुआएँ
भी
Ankit Maurya
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जिस
की
हर
शाख़
पे
राधाएँ
मचलती
होंगी
देखना
कृष्ण
उसी
पेड़
के
नीचे
होंगे
Bekal Utsahi
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तुमको
फ़िराक-ए-यार
ने
मिस्मार
कर
दिया
मुझको
फ़िराक-ए-यार
ने
फ़नकार
कर
दिया
गुल
से
मुतालिबा
जो
किया
बोसे
का
शजर
गुल
ने
हिला
के
पत्तियाँ
इनकार
कर
दिया
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Shajar Abbas
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तुझको
इस
शा'इरी
से
वहशत
है
सुन
मुझे
आशिक़ी
से
वहशत
है
लोग
करते
हैं
ज़िन्दगी
की
दु'आ
और
मुझे
ज़िन्दगी
से
वहशत
है
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Shajar Abbas
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मैं
अपना
दर्द
अगर
लिख
के
टाँग
दूँ
इस
पर
ये
जो
हरा
सा
शजर
है
ये
सूख
जाएगा
Shajar Abbas
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बज़्म-ए-शोरा
में
मेरा
यार
अगर
आएगा
अनगिनत
साथ
में
मौज़ू-ए-ग़ज़ल
लाएगा
देख
लेंगे
ये
अगर
झाँक
के
आँखों
में
तेरी
नश्शा
सर
से
न
जवानों
के
उतर
पाएगा
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Shajar Abbas
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जनाब-ए-क़ैस
की
मय्यत
को
देखो
सहरा
में
उड़-उड़
के
ख़ाक
ने
ग़ुस्ल-ओ-कफ़न
दिया
है
शजर
Shajar Abbas
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इश्क़
का
ख़्वाब
दिखाकर
मुझे
जाने
वाली
ख़ाक
पर
एड़ियाँ
रगड़ेगी
लहू
रोएगी
Shajar Abbas
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