rasm-e-aalam badal rahe hain ham | रस्म-ए-आलम बदल रहे हैं हम

  - Shajar Abbas
रस्म-ए-आलमबदलरहेहैंहम
इसलिएसबकोखलरहेहैंहम
आतिश-ए-इश्क़मेंयेदिलबोला
इकज़मानेसेजलरहेहैंहम
आनकरतेरेमनकीबातोंमें
आजतकहाथमलरहेहैंहम
मिस्ल-ए-मूसायेदेखलेआलम
बहतेपानीपेचलरहेहैंहम
सजरहेहैंतमामकूचेसुनो
अपनेघरसेनिकलरहेहैंहम
  - Shajar Abbas
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