फूलों पे पत्तियों पे शजर पर ग़ज़ल कहो

  - Shajar Abbas
फूलोंपेपत्तियोंपेशजरपरग़ज़लकहो
शबनमपेतितलियोंपेसमरपरग़ज़लकहो
तारोंपेऔरशम्स-ओ-क़मरपरग़ज़लकहो
तुमरोज़-ओ-शबपेशाम-ओ-सहरपरग़ज़लकहो
जोतयकियाहैदिलनेसफ़रराह-ए-इश्क़में
वाजिबहैआपदिलकेसफ़रपरग़ज़लकहो
दिलकानगरजोइश्क़मेंबर्बादहोगया
लिल्लाहउसउजाड़नगरपरग़ज़लकहो
होंठोंपेउसकेचेहरेपेलबपरकहोग़ज़ल
फिरउसकेबादबारिदासरपरग़ज़लकहो
مفعولفاعلاتمفاعیلفاعلن
  - Shajar Abbas
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