मैंरोरहाथाहाल-ए-गुलिस्तानदेखकर
गुलरोरहेथेमुझकोपरेशानदेखकर
ज़ेर-ए-पारौंददेताहैबेटीकीआबरू
घिनआरहीहैआजकाइंसानदेखकर
ऐदुनियावालोंथोड़ातोख़ौफ़-ए-ख़ुदाकरो
ख़ुशहोरहेहोदिलमेरावीरानदेखकर
करतेथेशेख़तज़किराहररोज़ख़ुल्दका
कू-ए-बुताँकोहोगएहैरानदेखकर
अश्क़-ए-ग़म-ए-फ़िराक़कोमतअश्क़नामदे
गौहरबताइन्हेंतूमेरीजानदेखकर
किसतरहआपरहतेहोज़िंदान-ए-इश्क़में
दमघुटरहाहैमेरायेज़िंदानदेखकर