kyuuñ kar tu meri baat samajhta nahin hai dost | क्यूँँ कर तू मेरी बात समझता नहीं है दोस्त

  - Shajar Abbas
क्यूँँकरतूमेरीबातसमझतानहींहैदोस्त
येइश्क़तेरेवास्तेअच्छानहींहैदोस्त
जिसपरतूजाँलुटाताहैइकसच्चामानकर
मैंतुझकोसचबताऊँवोसच्चानहींहैदोस्त
रक्खेहुएहैंआजभीसंदूकमेंमेरी
मैनेतेरेख़तोंकोजलायानहींहैदोस्त
क्यूँकररहाहैतूउसेपानेकीकोशिशें
तक़दीरमेंख़ुदानेजोलिक्खानहींहैदोस्त
येअश्क-ओ-ख़तयेसीनेसेलगजानाआनकर
ज़ख्म-ए-जिगरकामेरेमदावानहींहैदोस्त
तेरीतरहसेवोभीमेरीअच्छीदोस्तहै
जोतूसमझरहाहैनावैसानहींहैदोस्त
बेशकमेरालिबास-ए-बदनचाकहैतमाम
किरदारपरमगरकोईधब्बानहींहैदोस्त
मैंअजनबीहूँउसकेलिएवोमेरेलिए
अबहममेंकोईपहलेसारिश्तानहींहैदोस्त
चौदहबरसकीउम्रमेंयेइश्क़कामरज़
यानीतुम्हाराहालकुछअच्छानहींहैदोस्त
लिक्खाथाजितनासबमेरीतक़दीरमेंमिला
तक़दीरसेमुझेकोईशिकवानहींहैदोस्त
ख़तराहैजितनाजानकाइनअक़रिबाओंसे
गैरोंसेइतनाजानकाख़तरानहींहैदोस्त
कुम्हलारहाहैगुलशन-ए-दिलकामेरेशजर
तुमनेइसेजोहोंठोंसेचूमानहींहैदोस्त
  - Shajar Abbas
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