kisi ki furqat ka gham uth | किसी की फ़ुर्क़त का ग़म उठाना मज़ाक़ नईं है मज़ाक़ नईं है

  - Shajar Abbas
किसीकीफ़ुर्क़तकाग़मउठानामज़ाक़नईंहैमज़ाक़नईंहै
उदासहोकरकेमुस्कुरानामज़ाक़नईंहैमज़ाक़नईंहै
वोमेरालख़्त-ए-जिगरहैमुर्शिदवोमेरादिलहैवोमेरीजाँहैं
हैबातबिल्कुलहक़ीक़तआनामज़ाक़नईंहैमज़ाक़नईंहै
अभीतू'आशिक़नयाहैपागलसोमेरीबिल्कुलहिरासकरतू
किसीकोहिस्सा-ए-दिलबनानामज़ाक़नईंहैमज़ाक़नईंहै
बहुतहीआसाँहैंइश्क़करनायेसचहैहाँमैंयेमानताहूँ
मगरइसेउम्रभरनिभानामज़ाक़नईंहैमज़ाक़नईंहै
'शजर'सेमल्लाहकहरहाथासुनो'शजर'बाततुमहमारी
भँवरसेकश्तीकोपारलानामज़ाक़नईंहैमज़ाक़नईंहै
  - Shajar Abbas
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