janaab-e-qais ye taarikh se hawala hai | जनाब-ए-क़ैस ये तारीख़ से हवाला है

  - Shajar Abbas
जनाब-ए-क़ैसयेतारीख़सेहवालाहै
तुम्हारामुल्क-ए-मुहब्बतमेंबोल-बालाहै
निज़ाम-ए-मुल्क-ए-सनमकिसक़दरनिरालाहै
किसीकेहाथमेंपत्थरकिसीकेभालाहै
तुम्हारानामलेतातोगिरगयाहोता
तुम्हारेनामनेअबतकमुझेसँभालाहै
ज़मींक़ुबूलकरेऔरआसमानक़ुबूल
येकहकेउसनेमिरीख़ाककोउछालाहै
तमामउम्रइसीइकख़तापेरोओगे
ख़ुशीकेसाथजोदिलसेहमेंनिकालाहै
तुम्हारीयादमेंहमदिलजलाएबैठेहैं
यूँँआजचारोंतरफ़शहरमेंउजालाहै
नज़रकेतीरचलाएअदासक़त्लकरे
येज़ेबदेताहैउसकोजोहुस्नवालाहै
किसीकेहिज्रमेंहमख़ुदकोक्यूँतबाहकरें
हमारीमाँनेहमेंहसरतोंसेपालाहै
दिल-ए-चमनमेंहैमजलिस'शजर'हैमहव-ए-फ़ुग़ाँ
ख़िज़ाँनेजिस्मगुलाबोंकानोचडालाहै
  - Shajar Abbas
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