jab se shajar hisaar-e-mohabbat men aa.e hain | जब से शजर हिसार-ए-मोहब्बत में आए हैं

  - Shajar Abbas
जबसेशजरहिसार-ए-मोहब्बतमेंआएहैं
तबसेक़समख़ुदाकीहमआफ़तमेंआएहैं
रो-रोकेउसनेमाँगाहैरबसेदु'आओंमें
तबजाकेउसहसीनाकीक़िस्मतमेंआएहैं
उसदिनसेहोरहाहैमेराचर्चाकू-ब-कू
जिसदिनसेबावफ़ातेरीसोहबतमेंआएहैं
सूखेगलोंनेहमलाकियाहैयेकिसतरह
ख़ंजरसितमकेदेखकेहैबतमेंआएहैं
रौशनहुआहैदोश-ए-सबापरशजरचराग़
सबमो'जिज़ायेदेखकेहैरतमेंआएहैं
  - Shajar Abbas
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