ishq ka shahar phir aabaad karunga yaaron | इश्क़ का शहर फिर आबाद करूँँगा यारों

  - Shajar Abbas
इश्क़काशहरफिरआबादकरूँँगायारों
ख़ुदकोमैंइश्क़मेंफ़रहादकरूँँगायारों
येजोइल्हादज़मानेपेहुआहैतारी
दूरदुनियासेयेइल्हादकरूँँगायारों
इश्क़कीक़ैदमेंदमघुटनेलगाहैदिलका
दिलकोइसक़ैदसेआज़ादकरूँँगायारों
क़ैसकीतर्ज़पेएकरोज़मोहब्बतमेंसुनो
मैंभीसेहराकोईआबादकरूँँगायारों
देखनेवालेमुझेदेखतेरहजाएँगे
ख़ुदकोइसतरहसेबर्बादकरूँँगायारों
ख़ूनथूकेगीदहनसेवोहरएकहिचकीपर
इतनीशिद्दतसेउसेयादकरूँँगायारों
परचम-ए-इश्क़कोलहराऊँगाबस्तीबस्ती
औरमंज़रकोमैंनौशादकरूँँगायारों
निस्बत-ए-इश्कीकोसरशारचढ़ानेकेलिए
ख़त्मयेबीचसेअबआदकरूँँगायारों
वा'दाकरताहूँशजरकीतरहगज़लेंलिखकर
दिल-ए-नाशादकोमैंशादकरूँँगायारों
  - Shajar Abbas
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy