firaq-e-yaar ho jis | फ़िराक़-ए-यार हो जिस

  - Shajar Abbas
फ़िराक़-ए-यारहोजिस
मेंविसाल-ए-यारहो
ज़मीन-ए-दिलपेमोहब्बतकावोमज़ारहो
गुमान-ए-यारकीचादरहोदिलकेसरपेपड़ी
ख़ुदायेशहर-ए-ग़रीबाँमेंशर्मसारहो
मकीन-ए-ख़ैमा-ए-क़ल्ब-ए-हज़ींहोंलश्कर-ए-ख़्वाब
निगाह-ए-चश्म-ए-ख़िरदकोयेनागवारहो
शिफ़ा-ए-कामिलातबतकपाएज़ख़्म-ए-जिगर
किजबतलकदिल-ए-नादाँकोइफ़्तिख़ारहो
ख़ुदा-ए-यकताहूँमहव-ए-दुआमोहब्बतमें
कोईभीबरसर-ए-बाज़ारसंगसारहो
लहूसेलिखदूँमोहब्बतकीदास्तानशजर
मेरीवफ़ापेअगरतुमकोएतिबारहो
येकहकेरखदियाशानेपेदिलकेहाथशजर
पलटकेआएगावोदिलतूबेक़रारहो
  - Shajar Abbas
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