durust qaum ke haalaat kyuuñ nahin karta | दुरुस्त क़ौम के हालात क्यूँ नहीं करता

  - Shajar Abbas
दुरुस्तक़ौमकेहालातक्यूँनहींकरता
यतीमबच्चोंकीख़िदमातक्यूँनहींकरता
हैहक़परस्ततोहक़बातक्यूँनहींकरता
जहाँसेदूरफ़सादातक्यूँनहींकरता
करीमहैतोकरामातक्यूँनहींकरता
दुरुस्तदश्तमेंबरसातक्यूँनहींकरता
सबील-ए-इश्क़हरइकरातक्यूँनहींकरता
वोमेरीज़ातमेंज़मज़ातक्यूँनहींकरता
परेशाँहालमुसल्लेपेबैठकररबसे
ख़ुलूस-ए-दिलसेमुनाजातक्यूँनहींकरता
फ़िराक़-ए-यारमेंघुटघुटकेजीनाहोताहै
दिलोंसेदूरयेख़दशातक्यूँनहींकरता
जहाँकीरस्म-ओ-रिवाजोकोदीनमतसमझो
येनस्ल-ए-नौकोहिदायातक्यूँनहींकरता
वोआनेवालानहींआएगातमामहयात
सफ़रकीअपनेशुरूआतक्यूँनहींकरता
अमीर-ए-शहरअमीर-ए-जमालमुझकोबता
किअपनेहुस्नकीख़ैरातक्यूँनहींकरता
ज़मीन-ए-दिलपेगिरेजारहेहैंहिज्रकेगुल
लहूकीआँखोंसेबरसातक्यूँनहींकरता
शजरहबीबमिरेजाँनिसारहमदम
ख़फ़ानहींहैतोफिरबातक्यूँनहींकरता
  - Shajar Abbas
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