बस्तीसुख़नकीऐसेहैबसमीरकेबग़ैर
बेकारजैसेआँखेंहैंतनवीरकेबग़ैर
देखाहैमैंनेशाख़पेमुरझाएफूलको
बेचैनदिलहैख़्वाबकीता'बीरकेबग़ैर
भरजाएदिलतोइश्क़कापहलाउसूलहै
तर्क-ए-तअल्लुक़ातहोताख़ीरकेबग़ैर
आवाज़आरहीहैयेसहरासेक़ैसकी
राँझानहींजिएगाकभीहीरकेबग़ैर
तेरेलिएतबीबअजबहैमगरहैसच
ज़ख़्मीजिगरकियागयाशमशीरकेबग़ैर