agarche zakham-e-jigar ko kabhi hawa na lage | अगरचे ज़ख़्म-ए-जिगर को कभी हवा न लगे

  - Shajar Abbas
अगरचेज़ख़्म-ए-जिगरकोकभीहवालगे
तोदर्दक्याहैकिसीकोशजरपतालगे
हमारेअहदकेइननौजवानबच्चोंको
भलाबुरालगेऔरबुराभलालगे
येइश्क़एकबुरामर्ज़हैमिरेमालिक
जवानबच्चोंकोयेमर्ज़-ए-ला-दवालगे
जिसेभुलानेमेंसारीहयातलगजाए
कोईकिसीकोख़ुदाइसक़दरबुरालगे
ख़िज़ाँयेकोशिशेंकरतीहैपूरीकसरतसे
किसीभीहालमेंगुलशनहराभरालगे
तबीबमुझकोबताक्याकरूँँफिरइसदिलका
अगरइसेयेतिरीदीहुईदवालगे
मिरीख़ुदासदु'आहैसनमकादीदकरो
सनमसनमहीलगेआपकोख़ुदालगे
हमेंयेख़ौफ़सताताहैख़्वाबमरतेहैं
हमारीआँखकहींदश्त-ए-करबलालगे
ज़मानेभरकारखोहमसेेफ़ासलालेकिन
हमारेबीचज़मानेकोफ़ासलालगे
दयार-ए-दिलपेरखाहैचराग़-ए-इश्क़शजर
दुआएँमाँगोइसेहिज्रकीहवालगे
  - Shajar Abbas
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