afsos hai sab hasb-o-nasab bhool rahe hain | अफ़सोस है सब हस्ब-ओ-नसब भूल रहे हैं

  - Shajar Abbas
अफ़सोसहैसबहस्ब-ओ-नसबभूलरहेहैं
हमलोगबुज़ुर्गोंकाअदबभूलरहेहैं
हमआपकीयादोंमेंहैंडूबेहुएहरदम
औरआपहमेंदेखोग़ज़बभूलरहेहैं
जिसरोज़सेदेखाहैतेरीआँखोंकेअंदर
उसरोज़सेहमबज़्म-ए-तरबभूलरहेहैं
मसरूफ़हैंहमलोगज़मानेकीरविशमें
क्यूँँआएहैंदुनियामेंसबबभूलरहेहैं
ग़मगीनहैंतोलबपेशजरनामहैंरबका
ख़ुशियोंमेंमगरदेखिएरबभूलरहेहैं
  - Shajar Abbas
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