aaj se tu aise apni jang ka aaghaaz kar | आज से तू ऐसे अपनी जंग का आग़ाज़ कर

  - Shajar Abbas
आजसेतूऐसेअपनीजंगकाआग़ाज़कर
तोड़देज़ंजीर-ए-पाँकोअर्शपरपरवाज़कर
जोभीमेरीग़लतियाँहैंसबनज़रअंदाज़कर
मिरेहमराज़तूअपनामुझेहमराज़कर
सिसकियाँलेनेसेतुझकोहक़नहींमिलपाएगा
हुक्मराँबहराहैथोड़ाज़ोरसेआवाज़कर
तूतसव्वुरकरमैंतेरीमिल्कियतकाभागहूँ
मिरेहाकिमलेअपनीमिल्कियतपरनाज़कर
तेरीफ़ुर्क़तयेतक़ाज़ाकरतीरहतीहैशजर
इश्क़केमारेहुएख़ुदकोसुख़न-परदाज़कर
  - Shajar Abbas
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy