hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shadab Shabbiri
yuñ to koi bhi be-libaas na tha
yuñ to koi bhi be-libaas na tha | यूँँ तो कोई भी बे-लिबास न था
- Shadab Shabbiri
यूँँ
तो
कोई
भी
बे-लिबास
न
था
फिर
भी
लगता
था
बे-लिबासी
थी
उस
सेे
मिल
कर
ख़ुशी
हुई
थी
मुझे
और
फिर
देर
तक
उदासी
थी
- Shadab Shabbiri
Download Sher Image
मैं
चाहता
था
मुझ
सेे
बिछड़
कर
वो
ख़ुश
रहे
लेकिन
वो
ख़ुश
हुआ
तो
बड़ा
दुख
हुआ
मुझे
Umair Najmi
Send
Download Image
97 Likes
कोई
समुंदर,
कोई
नदी
होती
कोई
दरिया
होता
हम
जितने
प्यासे
थे
हमारा
एक
गिलास
से
क्या
होता
ताने
देने
से
और
हम
पे
शक
करने
से
बेहतर
था
गले
लगा
के
तुमने
हिजरत
का
दुख
बाट
लिया
होता
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
163 Likes
सीधा-साधा
डाकिया
जादू
करे
महान
एक
ही
थैले
में
भरे
आँसू
और
मुस्कान
Nida Fazli
Send
Download Image
47 Likes
दुख
की
दीमक
अगर
नहीं
लगती
ज़िन्दगी
किस
क़द्र
हसीं
लगती
वस्ल
को
लॉटरी
समझता
हूँ
लॉटरी
रोज़
तो
नहीं
लगती
Read Full
Azbar Safeer
Send
Download Image
34 Likes
मेरे
नादाँ
दिल
उदासी
कोई
अच्छी
शय
नहीं
देख
सूखे
फूल
पर
आती
नहीं
हैं
तितलियाँ
Deepak Vikal
Send
Download Image
8 Likes
रोना
पड़ेगा
बैठ
के
अब
देर
तक
मुझे
मैं
कहा
रहा
था
आपसे,
हँस
कर
न
देखिए
Munawwar Rana
Send
Download Image
36 Likes
रास
आ
जाएगा
इक
रोज़
तेरा
जाना
भी
हम
किसी
दुख
में
लगातार
नहीं
रोते
हैं
Inaam Azmi
Send
Download Image
54 Likes
हम
कुछ
ऐसे
उसके
आगे
अपनी
वफ़ा
रख
देते
हैं
बच्चे
जैसे
रेल
की
पटरी
पर
सिक्का
रख
देते
हैं
तस्वीर-ए-ग़म,
दिल
के
आँसू,
रंजो-नदामत,
तन्हाई
उसको
ख़त
लिखते
हैं
ख़त
में
हम
क्या
क्या
रख
देते
हैं
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
33 Likes
पहले
तो
वो
हाथ
पकड़कर
कमरे
से
बाहर
लाया
और
फिर
मुझको
इस
दुनिया
में
यार
अकेला
छोड़
गया
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
38 Likes
मैं
अँधेरों
से
बचा
लाया
था
अपने
आप
को
मेरा
दुख
ये
है
मिरे
पीछे
उजाले
पड़
गए
Rahat Indori
Send
Download Image
49 Likes
Read More
उसकी
यादें
चहार
जानिब
थीं
गाम-दर-गाम,
कू-ब-कू
था
वो
Shadab Shabbiri
Send
Download Image
1 Like
तपिश
थी
उस
परी
पैकर
की
ऐसी
बताने
में
पसीना
आ
रहा
है
Shadab Shabbiri
Send
Download Image
0 Likes
जवानी
की
मुहब्बत
पर
नज़र
रहती
है
दुनिया
की
बुढ़ापे
की
मुहब्बत
में
कोई
ख़तरा
नहीं
होता
Shadab Shabbiri
Send
Download Image
0 Likes
किसी
के
दिल
को
दुखाना
मुझे
पसंद
नहीं
क़सम
से
रोना
रुलाना
मुझे
पसंद
नहीं
Shadab Shabbiri
Send
Download Image
0 Likes
क्या
कहा
दर्द
के
दलदल
से
निकालूँ
तुझको
तेरा
हमदर्द
हूँ
मैं
तेरा
ख़ुदा
थोड़ी
हूँ
Shadab Shabbiri
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Shama Shayari
Andaaz Shayari
Khoon Shayari
Chehra Shayari
Gareebi Shayari