rah-guzar se tiri guzarna hai | रह-गुज़र से तिरी गुज़रना है

  - Shadab Shabbiri
रह-गुज़रसेतिरीगुज़रनाहै
बसयहीसुब्ह-ओ-शामकरनाहै
तेरेकूचेमेंहीठहरनाहै
जीतेजीक़ब्रमेंउतरनाहै
तुमकोग़ुस्सेमेंदेखनेकेलिए
करकेवा'दामुझेमुकरनाहै
फिरतुम्हेंइज़्तेराबसाक्यूँहै
जबकिइकरोज़सबकोमरनाहै
गामदरगामतेरीयादेंहैं
रेज़ारेज़ामुझेबिखरनाहै
  - Shadab Shabbiri
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