फ़ासलेहैंदोस्तोंसेयूँँहमारे
सागरोंनेछोड़ेहोंजैसेकिनारे
क़ुर्बतोंमेंजीरहेथेजिनकीअबतक
चौखटोंसेलेतेहैंमुँहफेरसारे
अजनबीतकनेनिभायासाथऐसा
अजनबीनेकमसेकमदोदिनगुज़ारे
हाँसमझआनेलगीदुनियाहमेंअब
सोहमेंजोभीमिलेपागलपुकारे
आसमाँमेंबससफ़रकरतेरहेऔर
बिखरेधरतीपरआसपनोंकेसितारे
एकदिनहमकर्णभीबनजाएँलेकिन
मित्रकहकरकोईदुर्योधनपुकारे
हँसनाअन्वेषीबड़ाभारीपड़ाहै
हँसरहेहैं'आशिक़ीऔरग़मकेमारे