वहाँसेआकेयहाँआलम-ए-ख़राबमेंहूँ
किसीअज़ाबसेछूटातोफिरअज़ाबमेंहूँ
कहाहैकिसनेकिख़ुशबूनहींहैकाँटोंमें
नहींयेबातनहींहैकिबसगुलाबमेंहूँ
वोतिश्नगीहैजोबुझतीनहींबुझानेसे
उजाड़साकोईमंज़रहूँऔरसराबमेंहूँ
मैंज़िंदगीहूँमैंबहतीरहीहूँसदियोंसे
बदनकीसाँसमेंहूँचश्म-ए-नमकेआबमेंहूँ
कसकहूँज़ेहनसेइंसानकेउतरतीनहीं
कभीख़यालमेंहूँतोकभीशराबमेंहूँ
नज़रबचाकेकोईपाससेगयातोक्या
नहींनज़रमेंअगरउसकेइज़्तिराबमेंहूँ