kuchh to vo bhi ho mehrbaan kahiin | कुछ तो वो भी हो मेहरबान कहीं

  - Sanjay Bhat
कुछतोवोभीहोमेहरबानकहीं
अब्रबरसेतोहोमकानकहीं
दर्ददिलकाकहेंतोकैसेकहें
दिलकीहोतीहैक्याज़बानकहीं
हमअजबकश्मकशमेंरहतेहैं
दिलकहींदेचुकेबयानकहीं
इककलीकोयहाँतोजलनाहै
धूपआख़िरतोलेगीजानकहीं
वक़्तकीबसयहीख़राबीहै
इसकीहोतीनहींदुकानकहीं
गाहे-गाहेयहीहोक्यूँबोलो
तुममिलोमुझसेपरहोध्यानकहीं
चाँदसूरजभीदूरहैंहमसे
हमकहींहैंतोआसमानकहीं
ज़िंदगीतूधुआँधुआँक्यूँहै
रफ़्तारफ़्ताजलेहैजानकहीं
आगहीआगहैजहाँदेखो
रोज़जलताहैअबमकानकहीं
मौतआईतोज़ीस्तहीरही
किसतरहफिरबचेनिशानकहीं
प्यारसेसबजहाँरहेंमिलकर
ऐसामिलतानहींजहानकहीं
  - Sanjay Bhat
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