ग़म-ए-हस्तीहैक्यातेराहीग़महै
तेरीउम्मीदमेंहस्तीभीनमहै
सिलाकुछतोमिलेवहशतकामेरी
किसीवहशीकातूभीतोसनमहै
ढलीहैज़िंदगीदेतेसदाएँ
नसोचाथातूइतनीपुर-सितमहै
थकाहूँढूँडतेख़्वाबोंमेंतुझको
मुक़ाबिलहोनेकाकिसपलकरमहै
हैंदिलकशलोगयूँँतोसैंकड़ोंपर
कशिशकातेरीतोदिलपरसितमहै
ख़ुदासुनलेकरूँँमैंअर्ज़तुझसे
तवक़्क़ोतुझसेहैबसतेरादमहै
सुख़नकामेरेहैयूँँरब्ततुझसे
हिमायतसेतेरीचलतीक़लमहै