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Sandeep kushwaha
apni naakaami se bhi KHush hota hooñ
apni naakaami se bhi KHush hota hooñ | अपनी नाकामी से भी ख़ुश होता हूँ
- Sandeep kushwaha
अपनी
नाकामी
से
भी
ख़ुश
होता
हूँ
नाकामी
के
क़िस्से
अच्छे
होते
हैं
- Sandeep kushwaha
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अश्क
माँ
के
जो
ख़ुशी
से
गिरे
तो
हैं
मोती
और
छलके
जो
ग़मों
से
तो
लहू
हो
जाए
S M Afzal Imam
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इतने
अफ़सुर्दा
नहीं
हैं
हम
कि
कर
लें
ख़ुद-कुशी
और
न
इतने
ख़ुश
कि
सच
में
मरने
की
ख़्वाहिश
न
हो
Charagh Sharma
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ये
ख़ुश
आँखें
किसी
दिन
रो
पड़ेंगी
और
किसी
दिन
मुस्कुराएंगी
उदास
आँखें
Siddharth Saaz
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उम्र
के
आख़िरी
मक़ाम
में
हम
मिल
भी
जाए
तो
क्या
ख़ुशी
होगी
क्या
सितम
तुम
को
देखने
के
लिए
हम
को
दुनिया
भी
देखनी
होगी
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Vikram Sharma
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नाम
पे
हम
क़ुर्बान
थे
उस
के
लेकिन
फिर
ये
तौर
हुआ
उस
को
देख
के
रुक
जाना
भी
सब
से
बड़ी
क़ुर्बानी
थी
मुझ
से
बिछड़
कर
भी
वो
लड़की
कितनी
ख़ुश
ख़ुश
रहती
है
उस
लड़की
ने
मुझ
से
बिछड़
कर
मर
जाने
की
ठानी
थी
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Jaun Elia
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बाक़ी
नहीं
रहा
है
कोई
रब्त
शहरस
यानी
कि
ख़ुश
रहेंगे
यहाँ
ख़ुश
रहे
बग़ैर
pankaj pundir
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तेरे
सिवा
भी
कई
रंग
ख़ुश
नज़र
थे
मगर
जो
तुझको
देख
चुका
हो
वो
और
क्या
देखे
Parveen Shakir
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दफ्न
ताबूत
में
कर
तिरी
हर
ख़ुशी
जश्न
कैसे
मनाते
है
मय्यत
पे
भी
ख़ास
तारीख़
थी
इम्तिहाँ
की
मगर
आज
बारात
उसकी
बुला
ली
गई
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Shilpi
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चला
तो
हूँ
मैं
उन
के
दर
से
बिगड़
कर
हँसी
आ
रही
है
कि
आना
पड़ेगा
Khumar Barabankvi
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मुद्दत
के
बाद
ख़्वाब
में
आया
था
मेरा
बाप
और
उसने
मुझ
सेे
इतना
कहा
ख़ुश
रहा
करो
Abbas Tabish
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बिकने
को
तो
बिकती
है
खु़द्दारी
भी
बस
थोड़ा-सा
रेट
ज़ियादा
करती
है
Sandeep kushwaha
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ता'रीफ़ें
'सरकार'
अकेले
करती
हैं
महफ़िल
में
पहचान
बतानी
पड़ती
है
Sandeep kushwaha
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कोई
बात
नहीं
कहने
वाले
लड़के
बातों
का
अंबार
छुपाए
रखते
हैं
Sandeep kushwaha
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हमको
जिसकी
तलाश
थी
अब
तक
कोई
उसको
तलाश
बैठा
है
Sandeep kushwaha
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एक
ही
बात
का
हमें
डर
है
साँप
के
भेस
में
वो
अजगर
है
जाने
कब
अक्ल
आएगी
उसको
आदमी
है
प
यार
कमतर
है
इश्क़
में
तुमको
डूबना
होगा
इश्क़
दरिया
नहीं
समुंदर
है
चीज़
वो
ही
पसंद
आएगी
अपनी
औकात
से
जो
बाहर
है
तूने
चाहा,
वो
मिल
गया
तुझको
यार
कितना
हसीं
मुक़द्दर
है
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Sandeep kushwaha
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